शिक्षा में मूल्यों के समाहन की बात संस्कृत और साहित्य की शिक्षा के अभाव में पूरी नहीं की जा सकती

आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जनजातीय विश्वविद्यालयों की स्थापना ने आदिवासी समूहों को केवल उच्च शिक्षा के अवसर ही प्रदान नहीं किए हैं बल्कि सांस्कृतिक समूहों के साथ मिलने-जुलने जानने-समझने और संवाद करने का अवसर भी प्रदान किया है।

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