मौके की ताक में रहने वाली राजनीति के लिए दादरी, हैदराबाद के बाद अब हाथरस बना नेताओं का नया तीर्थस्थल
लेकिन यह मौकापरस्त राजनीति की पराकाष्ठा है कि संवेदना व्यक्त करने का काम सिर्फ इस आधार किया जाए कि पीड़ित और आरोपित कौन है और घटना किस दल के शासन वाले राज्य में हुई है? यह शुद्ध गिद्ध राजनीति है।from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat https://ift.tt/30GXc10
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