परिवर्तन की जिस राजनीति पर लग गया विराम, उसे आज लोहिया के विचारों के अनुरूप आगे बढ़ाना है जरूरी
डॉ. लोहिया जीवन के मात्र 57 वर्ष ही पूरे कर पाए कि 12 अक्टूबर 1967 को अचानक हुई उनकी मृत्यु ने परिवर्तन की समूची राजनीति को जैसे विराम लगा दिया। देश में जोर पकड़ रहा समूचा समाजवादी आंदोलन उनके असमय निधन से निष्प्रभावी हो गया।from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat https://ift.tt/2IdKEYs
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