हाथरस के बहाने जाति विद्वेष को बढ़ावा, दलित समाज को हिंदू धर्म से अलग करके दिखाने की कोशिश

इसलिए एजेंडा है कि हिंदू धर्म में जातियों की जो फॉल्टलाइन है उसे बढ़ाते रहो। भीमा कोरेगांव से हाथरस तक एजेंडा एक ही है। दुर्भाग्य यह है कि इस एजेंडे के खतरे को समझे बिना कांग्रेस ने इसे अपना लिया है या फिर वह शरीके जुर्म है।

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