जम्मू-कश्मीर राजभाषा बिल पारित होने से अब तक उपेक्षित कश्मीरी, डोगरी जैसी भाषाओं को मिलेगा न्याय

कश्मीर के जनमानस में हिंदी की प्रतिष्ठा को देखते हुए कश्मीरी भाषा के लेखक भी हिंदी में रचनाएं करने लगे। उम्मीद है अब राजभाषा का दर्जा मिलने से हिंदी जम्मू-कश्मीर में और फले-फूलेगी। कश्मीर और हिंदी का संबंध सदियों पुराना है।

from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat https://ift.tt/33bBxje

No comments

Powered by Blogger.