सीएए के खिलाफ हिंसक आंदोलन में वाहन जलाए गए, संपत्तियां फूंकी गई शांतिपूर्ण बताना मजाक है

एक और चिट्ठी आई है। इस बार यह दिल्ली के भीषण दंगों के आरोपित उमर खालिद के बचाव में आई है। यह चिट्ठी दो सौ से अधिक बुद्धिजीवियों और कलाकारों की ओर से जारी हुई है। सीएए विरोधी आंदोलन को शांतिपूर्ण बताना मजाक ही नहीं शरारत भी है।

from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat https://ift.tt/2S8IZVJ

No comments

Powered by Blogger.