पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता को बल मिले, इस दिशा में भारत को भी काम करना चाहिए
समाज को तय करना होता है कि वह आने वाली पीढ़ियों के लिए क्या छोड़ना चाहते हैं-संघर्ष गरीबी निराशा या फिर आशा शांति और प्रगति की एक नई राह?from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat https://ift.tt/3kCta6e
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