विदेश नीति पर पहले कार्यकाल में मोदी व्यापक रूप से सफल रहे, उम्मीद है कि वह इसे फिर से दोहराएंगे
जहां भारत के वैश्विक हितों का विस्तार हो रहा है तो उसके साथ ही कूटनीतिक एवं सुरक्षा के मोर्चे पर सरकारी मशीनरी और संस्थानों की भी सही दिशा और गति चाहिए।from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat http://bit.ly/2VRmcgw
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