स्वार्थ सिद्धि का साधन: मुस्लिम समाज वोट बैंक बने रहने पर मजबूर, प्रगति की दौड़ में यह तबका पिछड़ा

लोकतंत्र में तात्कालिकता प्रभावी होती है भविष्यवादी आकलन नहीं होता। यह समस्या बनी रहेगी जब तक भारतीय सपनों का एक साझा संसार नहीं बनता।

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