विषमता के खिलाफ लड़ाई: पिछड़ी आबादी का एक बड़ा हिस्सा आज भी निरक्षर, गरीब, लाचार और बेबस है

आंबेडकर की चिंताओं का अब तक हल क्यों नहीं ढूंढ़ा गया? मौजूदा लोकसभा चुनाव के प्रचार का केंद्र विकास सुशासन नहीं बल्कि जाति पर अटका है।

from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat http://bit.ly/2VDfJuJ

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