चुनावों में बाहुबल पर तो अंकुश लग गया, लेकिन बेलगाम होता चुनावी खर्च लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं
चुनाव आयोग को मतदाताओं को रिश्वत खिलाने के तौर-तरीकों पर विराम लगाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता तो फिर लोकतंत्र मात्र उपहास का पात्र बनकर रह जाएगा।from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat http://bit.ly/2ZM2xSz
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