Analysis: खूबियों-खामियों भरा चुनावी त्योहार, उपलब्धियां हैं तो कई विषमताएं भी हैं

चुनावों में जो अपशब्द सड़कों गलियों मुहल्लों कूचों में कहे गए वे इतने बदतर हैं कि वहां से बाहर नहीं आए उनका वर्णन तो छोड़िए उनका स्मरण भी करना गलत है।

from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat http://bit.ly/2vSMGUs

No comments

Powered by Blogger.