पूंजी की कठपुतली बनी राजनीति: धनबल और बाहुबल पर आत्मबल और नैतिकबल अधिक भारी
राजनीति प्रगतिशील एवं विकासोन्मुखी हो जन-जन के जीवन में परिष्कार आए और लोक को सही दिशा मिले यही राजनीति का अभिप्राय है।from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat http://bit.ly/2WdBnC3
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