देश का मतदाता नए भारत का एक विश्वसनीय क्षितिज चाहते हैं, न कि खयाली पुलाव का झूठा पुलिंदा

भारतीय मतदाता कभी भी नासमझ नहीं रहे हैं। वे अपने अनुभव के आधार पर ही अपना मन बनाते हैं और शेखचिल्लियों को बखूबी भांप लेते हैं।

from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat https://ift.tt/2uw22xB

No comments

Powered by Blogger.