चुनाव किस संदर्भ में होते हैं या फिर संदर्भ किस चुनाव में बनते हैं, इस पर निर्भर होते हैं उनके परिणाम

हम भारत के लोग समझदार हैं भावुक भी। हम अक्लमंद हैैं लेकिन दिल के गुलाम भी। हमें बहकाना आसान नहीं। सबको सन्मति दे भगवान!

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