क्षेत्रीय पार्टियों की नीति और दृष्टिकोण में राष्ट्रहित के बजाय सीमित और संकुचित दृष्टि होती है

अधिकांश दल ‘अपनी डफली-अपना राग’ अलापते हुए किसी एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम अपनाने के बजाय अलग-थलग चुनावी मैदान में खड़े होते रहते हैं।

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