नए नजरिये की दरकार: किसी भी किस्म का आरक्षण हो, उसकी पहली शिकार बनती है योग्यता
यदि सत्तर वर्षों तक अपवाद वाली व्यवस्था कायम रहकर एक नियम बन जाती है तो यह उसकी सफलता पर ही सवाल खड़े करती है।from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat http://bit.ly/2Dn3UxP
Leave a Comment