नए साल के आगमन पर भी राजनीति के तौर-तरीकों में कोई बदलाव आने की उम्मीद नहीं
विडंबना यह है कि राजनीतिक दल इसका अहसास करते नहीं दिख रहे हैैं कि संसद की महत्ता और उसकी गरिमा कम होती जा रही है।from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat http://bit.ly/2F1E6bR
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