समानांतर सिनेमा के महारथी का अवसान, सिनेमा की दूसरी दुनिया के शिल्पकार थे मृणाल सेन
सेन अपनी हर फिल्म को वर्तमान से जोड़ते थे। फिल्म जब अपने समय से जुड़ती है तभी प्रासंगिक बनती है।from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat http://bit.ly/2RsELJS
सेन अपनी हर फिल्म को वर्तमान से जोड़ते थे। फिल्म जब अपने समय से जुड़ती है तभी प्रासंगिक बनती है।
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