तेज रफ्तार वाली चुनावी घोषणाएं
जनता हतप्रभ थी। लोकतंत्र के पुजारी उसके चरणों में थे। यह तो घोर अनर्थ हुआ। उसने उनको उठाकर गले से लगा लिया।from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat https://ift.tt/2E967i7
जनता हतप्रभ थी। लोकतंत्र के पुजारी उसके चरणों में थे। यह तो घोर अनर्थ हुआ। उसने उनको उठाकर गले से लगा लिया।
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