प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ दल तो इकट्ठा हो रहे हैं, लेकिन दिल नहीं मिल रहे हैं
विपक्षी दल एक हो भी गए तो 1977 और 1989 वाला सवाल फिर रहेगा कि दल तो मिले हैं, लेकिन दिल मिल रहे हैं क्या?from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat https://ift.tt/2OHAX2d
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