‘जा कर रण में ललकारी थी, वह तो झांसी की झलकारी थी’, इन्हें कहते हैं दूसरी लक्ष्मीबाई

उनकी मां के निधन के बाद पिता ने लड़कों की तरफ उनका पालन-पोषण किया था। बचपन से ही वह घुड़सवारी और हथियार चलाने में माहिर थीं। उन्होंने शादी भी एक तोपची सैनिक पूरण सिंह से की थी।

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