विविधता में एकता के साथ सबको लेकर चलना और जोड़ना ही वास्तव में हिंदुत्व है

सावरकर ने भी कहा था, ‘आप मुसलमान हो इसलिए मैं हिंदू हूं। अन्यथा मैैं तो विश्वमानव हूं।

from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat https://ift.tt/2S2MBqj

No comments

Powered by Blogger.