हुनर को तराशने में कभी भी आड़े नहीं आता धर्म और जाति
मजहब कोई भी हो, उसका मकसद इंसान को इंसानियत का पाठ पढ़ाना ही है। शिक्षक कोई भी हो, उसका मकसद है उजियारा फैलाना।from Jagran Hindi News - news:national https://ift.tt/2z2SQTc
मजहब कोई भी हो, उसका मकसद इंसान को इंसानियत का पाठ पढ़ाना ही है। शिक्षक कोई भी हो, उसका मकसद है उजियारा फैलाना।
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