गिरकर उठने का सुख; गिरावट तो आदमी की मूल प्रकृति है, वह गिरकर ही उठता है

जब कलाबाजी विकसित हो जाती है, बुद्धिजीवी इसे कलावाद कहते हैं।

from Jagran Hindi News - editorial:apnibaat https://ift.tt/2CwtrpU

No comments

Powered by Blogger.